वन पर्व  अध्याय ११४

लोमश उवाच

अत्रैव रुद्रो राजेन्द्र पशुमादत्तवान्मखे |  ७   क
रुद्रः पशुं मानवेन्द्र भागोऽय़मिति चाव्रवीत् ||  ७   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति