menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
भीष्म पर्व
अध्याय ११४
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
ततः प्रहस्य वीभत्सुर्व्याक्षिपन्गाण्डिवं धनुः |  ४३   क
गाङ्गेय़ं पञ्चविंशत्या क्षुद्रकाणां समर्पय़त् ||  ४३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति