menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय ११४
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
सापतद्दशधा राजन्निकृत्ता कर्णसाय़कैः |  ४९   क
अस्यतः सूतपुत्रस्य मित्रार्थे चित्रय़ोधिनः ||  ४९   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति