शान्ति पर्व  अध्याय ६९

भीष्म उवाच

भिक्षुकांश्चाक्रिकांश्चैव क्षीवोन्मत्तान्कुशीलवान् |  ४९   क
वाह्यान्कुर्यान्नरश्रेष्ठ दोषाय़ स्युर्हि तेऽन्यथा ||  ४९   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति