menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय ११४
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
सूदान्भृत्यजनान्दासांस्त्वं गृहे त्वरय़न्भृशम् |  ७५   क
योग्यस्ताडय़ितुं क्रोधाद्भोजनार्थं वृकोदर ||  ७५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति