menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय ८२
chevron_left
chevron_right
वासुदेव उवाच
सोऽहं कितवमातेव द्वय़ोरपि महामुने |  ११   क
एकस्य जय़माशंसे द्वितीय़स्यापराजय़म् ||  ११   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति