menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय ११५
chevron_left
chevron_right
भीष्म उवाच
अरुष्यन्क्रुश्यमानस्य सुकृतं नाम विन्दति |  ३   क
दुष्कृतं चात्मनो मर्षी रुष्यत्येवापमार्ष्टि वै ||  ३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति