menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
भीष्म पर्व
अध्याय ११५
chevron_left
chevron_right
धृतराष्ट्र उवाच
अश्मसारमय़ं नूनं हृदय़ं मम सञ्जय़ |  ४   क
श्रुत्वा विनिहतं भीष्मं शतधा यन्न दीर्यते ||  ४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति