अनुशासन पर्व  अध्याय ११६

भीष्म उवाच

ऋषिभिः संशय़ं पृष्टो वसुश्चेदिपतिः पुरा |  ५४   क
अभक्ष्यमिति मांसं स प्राह भक्ष्यमिति प्रभो ||  ५४   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति