अनुशासन पर्व  अध्याय ९५

यातुधान्यु उवाच

यथोदाहृतमेतत्ते मय़ि नाम महामुने |  २६   क
दुर्धार्यमेतन्मनसा गच्छावतर पद्मिनीम् ||  २६   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति