menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
अनुशासन पर्व
अध्याय ६३
chevron_left
chevron_right
नारद उवाच
कालशाकं तु विप्रेभ्यो दत्त्वा मर्त्यः समूलकम् |  २३   क
ज्येष्ठाय़ामृद्धिमिष्टां वै गतिमिष्टां च विन्दति ||  २३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति