menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय १२४
chevron_left
chevron_right
धृतराष्ट्र उवाच
सोपाय़ं पूर्वमुद्दिष्टं प्रह्रादेन महात्मना |  ६३   क
सङ्क्षेपतस्तु शीलस्य शृणु प्राप्तिं नराधिप ||  ६३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति