आदि पर्व  अध्याय ४९

सूत उवाच

भुजगानामशेषाणां माता कद्रूरिति श्रुतिः |  ५   क
तय़ा शप्ता रुषितय़ा सुता यस्मान्निवोध तत् ||  ५   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति