menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय ११७
chevron_left
chevron_right
भीष्म उवाच
कदाचित्कालय़ोगेन सर्वप्राणिविहिंसकः |  ३३   क
वलवान्क्षतजाहारो नानासत्त्वभय़ङ्करः ||  ३३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति