menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
अनुशासन पर्व
अध्याय ११७
chevron_left
chevron_right
भीष्म उवाच
स्वमांसं परमांसैर्यो विवर्धय़ितुमिच्छति |  १०   क
नास्ति क्षुद्रतरस्तस्मान्न नृशंसतरो नरः ||  १०   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति