शान्ति पर्व  अध्याय ३२७

देवा ऊचुः

एकपादस्थिते धर्मे यत्रक्वचनगामिनि |  ७७   क
कथं कर्तव्यमस्माभिर्भगवंस्तद्वदस्व नः ||  ७७   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति