उद्योग पर्व  अध्याय ९४

राम उवाच

ततो नरस्त्विषीकाणां मुष्टिमादाय़ कौरव |  २३   क
अव्रवीदेहि युध्यस्व युद्धकामुक क्षत्रिय़ ||  २३   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति