menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय १३८
chevron_left
chevron_right
भीष्म उवाच
नाच्छित्त्वा परमर्माणि नाकृत्वा कर्म दारुणम् |  ५०   क
नाहत्वा मत्स्यघातीव प्राप्नोति परमां श्रिय़म् ||  ५०   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति