menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
भीष्म पर्व
अध्याय ११७
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
व्यपनीतोऽद्य मन्युर्मे यस्त्वां प्रति पुरा कृतः |  १८   क
दैवं पुरुषकारेण न शक्यमतिवर्तितुम् ||  १८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति