menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
भीष्म पर्व
अध्याय ११७
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
एवं व्रुवन्तं गाङ्गेय़मभिवाद्य प्रसाद्य च |  ३४   क
राधेय़ो रथमारुह्य प्राय़ात्तव सुतं प्रति ||  ३४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति