menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय ११७
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
अथ कृष्णो महावाहुरर्जुनं प्रत्यभाषत |  ४७   क
पश्य वृष्ण्यन्धकव्याघ्रं सौमदत्तिवशं गतम् ||  ४७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति