menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय ११८
chevron_left
chevron_right
भीष्म उवाच
सङ्गृहीतजनोऽस्तव्धः प्रसन्नवदनः सदा |  २१   क
दाता भृत्यजनावेक्षी न क्रोधी सुमहामनाः ||  २१   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति