menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
अनुशासन पर्व
अध्याय ११८
chevron_left
chevron_right
कीट उवाच
अहमासं मनुष्यो वै शूद्रो वहुधनः पुरा |  १८   क
अव्रह्मण्यो नृशंसश्च कदर्यो वृद्धिजीवनः ||  १८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति