menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
अनुशासन पर्व
अध्याय ११८
chevron_left
chevron_right
युधिष्ठिर उवाच
समृद्धे वासमृद्धे वा शुभे वा यदि वाशुभे |  ३   क
कारणं तत्र मे व्रूहि सर्वज्ञो ह्यसि मे मतः ||  ३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति