menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय ११८
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
व्रात्याः संश्लिष्टकर्माणः प्रकृत्यैव विगर्हिताः |  १५   क
वृष्ण्यन्धकाः कथं पार्थ प्रमाणं भवता कृताः ||  १५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति