menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय ११८
chevron_left
chevron_right
सात्यकिरु उवाच
यत्तु पार्थेन मत्स्नेहात्स्वां प्रतिज्ञां च रक्षता |  ४६   क
सखड्गोऽस्य हृतो वाहुरेतेनैवास्मि वञ्चितः ||  ४६   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति