menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय ११८
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
ननु नाम स्वधर्मज्ञस्त्वं लोकेऽभ्यधिकः परैः |  ७   क
अय़ुध्यमानस्य कथं रणे प्रहृतवानसि ||  ७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति