अनुशासन पर्व  अध्याय ११९

व्यास उवाच

स कीटेत्येवमाभाष्य ऋषिणा सत्यवादिना |  १०   क
प्रतिस्मृत्याथ जग्राह पादौ मूर्ध्ना कृताञ्जलिः ||  १०   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति