menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय १४९
chevron_left
chevron_right
जम्वुक उवाच
स्वैरं रुदत विस्रव्धाः स्वैरं स्नेहेन पश्यत |  १००   क
स्थीय़तां यावदादित्यः किं वः क्रव्यादभाषितैः ||  १००   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति