menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय ११९
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
नित्यं देवपरा दान्ता दातारश्चाविकत्थनाः |  २६   क
तेन वृष्णिप्रवीराणां चक्रं न प्रतिहन्यते ||  २६   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति