menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
कर्ण पर्व
अध्याय २७
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
स चेत्तदभिमन्येत तस्मै दद्यामहं पुनः |  ३   क
शकटं रत्नसम्पूर्णं यो मे व्रूय़ाद्धनञ्जय़म् ||  ३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति