menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय १२
chevron_left
chevron_right
धृतराष्ट्र उवाच
तत्र मित्रवलं राजन्मौलेन न विशिष्यते |  ८   क
श्रेणीवलं भृतं चैव तुल्य एवेति मे मतिः ||  ८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति