menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
विराट पर्व
अध्याय ३५
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
स तत्र नर्मसंय़ुक्तमकरोत्पाण्डवो वहु |  १७   क
उत्तराय़ाः प्रमुखतः सर्वं जानन्नरिन्दम ||  १७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति