menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय २८
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
आजघ्नुः करजैश्चापि पाणिभिश्च शिरांस्युत |  ६६   क
लुलुवुश्च तदा केशान्क्रोशन्त्यस्तत्र तत्र ह ||  ६६   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति