menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय १२०
chevron_left
chevron_right
भीष्म उवाच
क्षुद्रं क्रूरं तथा प्राज्ञं शूरं चार्थविशारदम् |  २१   क
स्वकर्मणि निय़ुञ्जीत ये चान्ये वचनाधिकाः ||  २१   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति