menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय १२०
chevron_left
chevron_right
सात्यकिरु उवाच
अस्मत्प्रमुक्तैर्विशिखैर्जितारि; स्ततो महीं भोक्ष्यति धर्मराजः |  २१   क
निर्धार्तराष्ट्रां हतसूतपुत्रा; मेतद्धि नः कृत्यतमं यशश्यम् ||  २१   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति