menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १२०
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
अय़ं स वैकर्तन युद्धकालो; विदर्शय़स्वात्मवलं महात्मन् |  ११   क
यथा न वध्येत रणेऽर्जुनेन; जय़द्रथः कर्ण तथा कुरुष्व ||  ११   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति