menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
स्वर्गारोहण पर्व
अध्याय १
chevron_left
chevron_right
जनमेजय़ उवाच
स्वर्गं त्रिविष्टपं प्राप्य मम पूर्वपितामहाः |  १   क
पाण्डवा धार्तराष्ट्राश्च कानि स्थानानि भेजिरे ||  १   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति