menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १२०
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
राज्यप्रेप्सुः सव्यसाची कुरूणां; स्मरन्क्लेशान्द्वादशवर्षवृत्तान् |  ८५   क
गाण्डीवमुक्तैरिषुभिर्महात्मा; सर्वा दिशो व्यावृणोदप्रमेय़ैः ||  ८५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति