menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
अनुशासन पर्व
अध्याय १४४
chevron_left
chevron_right
वासुदेव उवाच
न त्वां जरा वा रोगो वा वैवर्ण्यं चापि भामिनि |  ४१   क
स्प्रक्ष्यन्ति पुण्यगन्धा च कृष्णमाराधय़िष्यसि ||  ४१   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति