menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय १९९
chevron_left
chevron_right
मनुरु उवाच
पृथ्व्या नरः पश्यति नान्तमस्या; ह्यन्तश्चास्या भविता चेति विद्धि |  ३०   क
परं नय़न्तीह विलोभ्यमानं; यथा प्लवं वाय़ुरिवार्णवस्थम् ||  ३०   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति