menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय १६०
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
मय़ैतच्चिन्तितं भूतमसिर्नामैष वीर्यवान् |  ४२   क
रक्षणार्थाय़ लोकस्य वधाय़ च सुरद्विषाम् ||  ४२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति