आदि पर्व  अध्याय १३४

युधिष्ठिर उवाच

यदि विन्देत चाकारमस्माकं हि पुरोचनः |  २०   क
शीघ्रकारी ततो भूत्वा प्रसह्यापि दहेत नः ||  २०   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति