menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
सभा पर्व
अध्याय ६२
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
धर्मे स्थितो धर्मराजो महात्मा; स्वय़ं चेदं कथय़त्विन्द्रकल्पः |  २६   क
ईशो वा ते यद्यनीशोऽथ वैष; वाक्यादस्य क्षिप्रमेकं भजस्व ||  २६   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति