menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
उद्योग पर्व
अध्याय १२२
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
आत्मानं तक्षति ह्येष वनं परशुना यथा |  ३८   क
यः सम्यग्वर्तमानेषु मिथ्या राजन्प्रवर्तते ||  ३८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति