menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १२२
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
विह्वलं तमभिज्ञाय़ भर्तारं शरपीडितम् |  १०   क
हतोऽय़मिति च ज्ञात्वा सारथिस्तमपावहत् ||  १०   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति