menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आदि पर्व
अध्याय १२३
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
स तु द्रोणस्य शिरसा पादौ गृह्य परन्तपः |  १२   क
अरण्यमनुसम्प्राप्तः कृत्वा द्रोणं महीमय़म् ||  १२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति