वन पर्व  अध्याय १३१

लोमश उवाच

अथोत्कृत्य स्वमांसं तु राजा परमधर्मवित् |  २५   क
तुलय़ामास कौन्तेय़ कपोतेन सहाभिभो ||  २५   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति