menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १२३
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
धार्तराष्ट्रवलं प्राप्य देवसेनापि भारत |  २२   क
सीदेत समरे जिष्णो नात्र कार्या विचारणा ||  २२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति