menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १२३
chevron_left
chevron_right
श्रीकृष्ण उवाच
प्रार्थय़न्तो जय़ं युद्धे प्रथितं च महद्यशः |  ३१   क
पृथिव्यां शेरते शूराः पार्थिवास्त्वच्छरैर्हताः ||  ३१   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति